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Satya Nadella: क्या है वो बीमारी, जिसकी वजह से हो गई सत्या नडेला के बेटे की मौत

दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्‍या नडेला (Satya Nadella) के बेटे जैन नडेला (Zain Nadella) की सोमवार को एक गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के बाद मौत हो गई. सत्या नडेला और उनकी पत्नी अनु के बेटे जैन नडेला की उम्र करीब 26 साल थी. जैन नडेला जन्‍म से ही सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) नाम की एक गंभीर बीमारी से ग्रसित थे. कंपनी ने अपने स्टाफ को इस बारे में एक ई-मेल के जरिए जानकारी दी है. सेरेब्रल पाल्सी दिमाग और कुछ मांसपेशियों से जुड़ी समस्या है. दुनिया में बड़ी संख्या में बच्चे और व्यस्क इस बीमारी का शिकार हैं.

क्या है सेरेब्रल पाल्सी?

सेरेब्रल पाल्सी एक प्रकार का न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर (Neurological Disorders) है. इस बीमारी का शिकार होने के बाद बच्चों की चलने फिरने की क्षमता और गति काफी प्रभावित हो जाती है. बच्चों के अंगों में शिथिलता आ जाती है. मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं. हम इस बीमारी को एक तरह से दिव्यांगता की श्रेणी में रख सकते हैं. इस बीमारी से पीड़ित बच्चों का वक्त के साथ ग्रोथ नहीं हो पाता है. उनके कई अंग और मांसपेशियां शिथिल और कमजोर पड़ जाती है. इस बीमारी से पीड़ित बच्चों के अंग सामान्य तौर से संचालित नहीं होते हैं. साल 2017 में अमेरिका के दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ ने एक किताब लिखी थी. इस किताब में उन्होंने सेरेब्रल पाल्सी का शिकार अपने बेटे से जुड़ी कई बातों का जिक्र किया था.

सेरेब्रल पाल्सी के क्या हैं लक्षण?

सेरेब्रल पाल्सी में दिमाग से जुड़ी एक बेहद ही गंभीर बीमारी है. बच्चे के जन्म के समय अगर वो न रोता हो तो इस बात की संभावना बन सकती है कि वो सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित हो गया हो. कभी-कभी बच्चा जन्म के वक्त ही पीलिया का शिकार हो जाता है तो ऐसे में उस पर डॉक्टर की निगरानी में खास तौर से ध्यान देने की जरुरत होती है. पैदा होने के बाद बच्चे का अधिक मात्रा में लार टपकना भी सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित होने के संकेत देते हैं. इस बीमारी से पीड़ित बच्चे को कुछ बड़ा होने पर चलने फिरने में दिक्कत होती है ऐसे में इस बात पर भी खास ध्यान देने की जरुरत है. सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों की चलने फिरने की क्षमता काफी हद तक प्रभावित हो जाती है. इस बीमारी के इलाज में दवा के साथ-साथ फिजियोथैरेपी की काफी अहम भूमिका मानी जाती है.

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