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Kedarnath Dham: खुल गए हैं केदारनाथ धाम के कपाट, कड़कड़ाती ठंड के बावजूद बाबा के दर पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

आखिरकार बाबा केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह पूरे विधि-विधान के साथ खोल दिए गए हैं. श्रद्धालु अब 6 महीने तक अपने अराध्य के दर्शन और पूर्जा-पाठ कर सकेंगे.

Kedarnath Dham: देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) के कपाट खोल दिए गए हैं. शुक्रवार यानी आज सुबह 6 बजकर 26 मिनट पर शुभ मुहूर्त में बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए. इस दौरान कड़कड़ाती ठंड में बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आई है. बता दें कि मंदिर को 15 क्विंटल फूलों से सजाया गया है. केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु मौजूद रहे. इसी के साथ अब 6 माह तक भक्त धाम में बाबा के दर्शन एवं पूजा अर्चना कर सकेंगे.

गुरुवार को बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली धाम पहुंची थी

बता दें कि गुरुवार को बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली धाम पहुंची थी. इसके बाद पूरे विधि-विधान के साथ डोली को मंदिर पास ही विराजमान कर अन्य परंपराओं को पूरा किया गया. शुक्रवार तड़के मुख्य पुजारी केदारलिंग द्वारा बाबा केदार की उत्सव डोली को भोग लगाया गया उसके पश्चात अन्य पूजाएं संपन्न की गई और फिर डोली को सजाया गया. सारी परंपराएं का निर्वहन हो जाने के बाद केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग, वेदपाठियों, पुजारियों हक्क, हकूकधारियों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रौच्चारण के साथ सुबह 6 बजकर 26 मिनट पर बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए और डोली ने मंदिर के भीतर प्रवेश किया.

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे

इसके बाद पुजारियों व वेदपाठियों ने गर्भगृह की साफ-सफाई कर भोग लगाया और फिर मंदिर में पूजा अर्चना की गई. इस दौरान केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत बीकेटीसी के सदस्य भी मौजूद रहे.

भक्तों के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा

वहीं आज सुबह जब बाबा के धाम के कपाट खोले गए तो भक्तों के जयकारों से पूरा वातावरण गूंजायमान हो उठा. बाबा की पंचमुखी मूर्ति केदार मंदिर में विजामान की गई. इसके बाद विधिपूर्वक भगवान केदारनाथ के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए गए. वहीं मंदिर में सर्वप्रथम पीएम मोदी के नाम से पूजा अर्चना की गई. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी अराध्य की विधि-विधान के साथ पूजा कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया.

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