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हर महीने दिल्ली सरकार गरीबों को कितना देती है राशन, क्या हैं सब्जियों के सरकारी दाम?

Food Civil Supplies Department of Delhi Government: राजधानी दिल्ली में राशन कार्ड धारकों को कोरोना की शुरुआत से ही मुफ्त राशन दिया जा रहा है. अप्रैल 2020 में दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड धारकों को मुफ्त राशन दिए जाने की घोषणा की थी. प्रति व्यक्ति 10 किलो अनाज के आधार पर यह राशन हर महीने वितरित किया जा रहा है. दिल्ली सरकार के राशन कार्ड धारकों को प्रति व्यक्ति 8 किलो गेहूं और 2 किलो चावल के हिसाब से राशन वितरित किया जाता है.

31 मई 2022 तक सभी लाभार्थियों को मिलता रहेगा राशन

कोरोना काल के दौरान आर्थिक समस्याओं को देखते हुए निशुल्क राशन के साथ-साथ प्रति व्यक्ति इसे डबल भी कर दिया गया. यानी पहले जहां प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज राशन के तौर पर दिया जाता था उसे 10 किलो कर दिया गया. अब तक राशन कार्ड धारकों को 10 किलो प्रति व्यक्ति अनाज के हिसाब से निशुल्क राशन हर महीने वितरित हो रहा है. इसके अलावा पिछले साल दिसंबर 2021 के महीने में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निशुल्क राशन की योजना को अगले 6 महीने के लिए बढ़ा दिया. जिसके बाद 31 मई 2022 तक सभी लाभार्थियों को निशुल्क राशन मिलता रहेगा.

₹30 प्रति किलो के हिसाब से दी जा रही चीनी 

31 मई 2022 तक दिल्ली में सभी राशन कार्ड धारकों को मुफ्त अनाज दिया जाएगा. जिसमें की प्रति व्यक्ति 10 किलो अनाज दिया जाता है. हर महीने 25 तारीख के बाद दिल्ली के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्रालय की ओर से राशन वितरित किया जाता है. दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में राशन डिस्ट्रीब्यूटर चिन्हित किए गए हैं जहां से ई-पास मशीन के जरिए राशन कार्ड धारकों को राशन में दिया जाता है. जानकारी के मुताबिक प्रति व्यक्ति 8 किलो गेहूं और 2 किलो चावल मिलते हैं. एक राशन कार्ड पर जितने सदस्य हैं उतने सदस्यों के लिए राशन पूरी तरीके से निशुल्क वितरित होता है जिसमें लाभार्थियों को गेहूं और चावल दिए जाते हैं. इसके अलावा इन राशन की दुकानों पर आम किराना शॉप के मुकाबले सस्ते दामों पर चीनी भी दी जाती है. सरकारी राशन की दुकानों पर ₹30 प्रति किलो के हिसाब से चीनी दी जा रही है.

डेढ़ लाख से ज्यादा मिले आवेदन

दिल्ली सरकार के खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्रालय की ओर से गरीबी रेखा के नीचे आने वाले बीपीएल राशन कार्ड धारकों को हर महीने यह राशन वितरित किया जा रहा है. दिल्ली में ऐसे राशन कार्ड धारकों की संख्या करीब 75 लाख है. वहीं पछले 2 सालों से राशन कार्ड बनवाने के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने आवेदन दिया है. इससे पहले दिल्ली सरकार ने पिछले साल लगातार 4 महीने से जिन लोगों ने राशन नहीं लिया उन लोगों की पड़ताल की और ऐसे राशन कार्ड धारकों के राशन कार्ड कैंसिल करने की भी योजना बनाई. ऐसे लोगों की संख्या करीब एक लाख पाई गई जिन्होंने 4 महीने से लगातार राशन नहीं लिया.

हर हफ्ते रेट होते हैं तय

दिल्ली सरकार के खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से जारी की जाने वाली वीकली मार्केट प्राइसेज रिपोर्ट के मुताबिक राशन और सब्जियों के रेट तय किए जाते हैं. जिसके मुताबिक इस हफ्ते की रिपोर्ट के मुताबिक घर के राशन में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजों के दाम इस प्रकार हैं.

क्या है रिटेल प्राइस?

चावल- ₹32 किलो
दाल- ₹72 किलो
अरहर दाल- ₹103 किलो
चीनी- ₹41 किलो
गुड- ₹54 किलो
रिफाइंड- ₹178 किलो
सरसों का तेल- ₹182 खेलो
वनस्पति घी- ₹145 किलो
चाय पत्ती (लूज)- ₹230 किलो
नमक- ₹23 किलो
आटा- ₹26 किलो
दूध- ₹48 लीटर

दिल्ली सरकार की ओर से हर हफ्ते तय होने वाले सब्जियों के दाम

आलू- ₹16 किलो
प्याज- ₹37 किलो
टमाटर- ₹29 किलो
बैंगन- ₹53 किलो
भिंडी- ₹83 किलो
पत्ता गोभी- ₹37 किलो
पालक- ₹30 किलो
कद्दू (सीताफल)- ₹38 किलो
फूल गोभी- ₹42 किलो
मटर- ₹40 किलो
अदरक- ₹53 किलो

राशन के सामान और सब्जियों के यह रिटेल प्राइस हैं जो कि दिल्ली सरकार के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से हर हफ्ते तय किए जाते हैं. इन्हीं सरकारी दामों के आधार पर दिल्ली में कोई भी रिटेल शॉप सामान बेंच सकती है और यदि इससे ज्यादा दाम होते हैं तो आप और दुकानदार से मोलभाव कर सकते हैं.

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