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Cryptocurrency Bill : क्या है क्रिप्टोकरेंसी बिल और क्रिप्टो पर कैसे काबू पाएगी सरकार? जानें सबकुछ

Cryptocurrency Bill: बता दें कि कल इस खबर के आने के बाद रात 11:45 बजे सभी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही थी...

बता दें कि कल इस खबर के आने के बाद रात 11:45 बजे सभी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही थी. Bitcoin जहां 17 फीसदी तक गिर गया था, वहीं Ethereum में 15 फीसदी की गिरावट देखी जा रही थी. मार्केट कैप के लिहाज से तीसरा सबसे बड़ा क्रिप्टो तो Tether तो 18 फीसदी तक गिर गया था.

क्या है क्रिप्टोकरेंसी बिल और क्या है इसका उद्देश्य?

सरकार क्रिप्टोकरेंसी के नियमन के लिए जो बिल ला रही है उसका नाम है- Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021. इस बिल के जरिए सरकार सेंट्रल बैंक रिजर्व बैंक इंडिया के तहत एक आधिकारिक क्रिप्टोकरेंसी जारी करने के लिए एक आसान फ्रेमवर्क तैयार करना चाहती है. इस बिल के तहत ये प्रावधान लाया जाएगा, जिससे सारी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी बैन हो जाएंगी. हालांकि, इसकी टेक्नोलॉजी और इस्तेमाल को प्रमोट करने के लिए कुछ अपवाद रखे जाएंगे.

इस शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार 26 बिल पेश कर सकती है. इसके लिए 26 बिल लिस्ट किए गए हैं.. इसी दौरान भारत में क्रिप्टोकरेंसी का नियमन सुनिश्चित करने वाला यह क्रिप्टो बिल भी पेश किया जाएगा.

पिछले हफ्ते हुई थी बैठकें

बता दें कि बिल लाने के फैसले पर सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा तब आई है, जब अभी पिछले हफ्ते ही इस संबंध में पहली बार संसदीय समिति की एक बैठक हुई थी. 16 नवंबर को वित्त मामलों में गठित संसद की स्थायी समिति (Standing Committee on Finance) की क्रिप्टो एक्सचेंज, ब्लॉकचेन. क्रिप्टो एसेट काउंसिल, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ क्रिप्टोकरेंसी के नियमन और प्रोत्साहन से जुड़े पहलू पर विचार किया था और इस मीटिंग में यह आम राय निकल सामने आई थी कि क्रिप्टोकरेंसी को रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसके नियमन की जरूरत है.

पीएम मोदी ने भी इसके पहले कई मंत्रालयों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की थी. वहीं, पिछले गुरुवार को सिडनी संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने संबोधन में क्रिप्टो को लेकर सरकार के इरादे साफ जाहिर कर दिए थे. उन्होंने कहा था कि ‘क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन का उदाहरण ले लीजिए. यह बहुत जरूरी है कि सभी लोकतांत्रिक देश इसपर काम करें और यह सुनिश्चित करें कि यह गलत हाथों में न पड़े, क्योंकि इससे हमारे युवा पर गलत असर पड़ेगा.’

RBI और SEBI की भी टेढ़ी निगाहें

वहीं, RBI तो कई बार इस बाजार को लेकर चिंता जाहिर कर चुकी है. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी पिछले हफ्ते कहा कि क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े गहरे मुद्दों पर गहन विमर्श की जरूरत है. दास ने कहा, ‘आंतरिक विमर्श के बाद आरबीआई की यह राय है कि वृहत आर्थिक और वित्तीय स्थिरता पर गंभीर चिंताएं हैं और इनके बारे में गहन चर्चा करने की जरूरत है.’ उन्होंने चलन में मौजूद क्रिप्टोकरेंसी की मात्रा पर संदेह जताते हुए कहा कि निवेशकों को इसके जरिये लुभाने की कोशिश की जा रही है. क्रिप्टो खाते खोलने के लिए ऋण भी दिए जा रहे हैं.

वहीं बाजार नियामक संस्था Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने भी रिटेल निवेशकों को ध्यान में रखते हुए भारत में अनियमित क्रिप्टोकरेंसी बाजार के तेज ग्रोथ को लेकर चिंताएं जताई थीं.

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